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    न्यायालय परिसर में भव्य संविधान दिवस समारोह, प्रस्तावना का वाचन और मौलिक कर्तव्यों की शपथ

     *न्यायालय परिसर में मनाया गया भव्य संविधान दिवस।*

     विशेष संवाददाता रामबाबू शुक्ल



    *औरैया 26 नवम्बर 2025-* अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अवगत कराया है कि माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद एवं माननीय उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार दिनांक 26.11.2025 को संविधान दिवस के अवसर पर माननीय जनपद न्यायाधीश मंयक चौहान की अध्यक्षता में न्यायालय परिसर में संविधान की प्रस्तावना का वाचन व मौलिक कर्तव्यों का शपथग्रहण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उनके द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारीगण व समस्त कर्मचारियों को प्रस्तावना का वाचन करवाकर शपथ दिलायी गयी। अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण औरैया महेश कुमार द्वारा बताया गया कि संविधान देश का सर्वोच्च कानून है तथा अन्य समस्त कानूनों की जननी हैं, जिसमें अधिकारों के साथ- साथ कर्तव्यों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। अधिकार एवं कर्तव्य एक दूसरे के पूरक हैं तथा साथ-साथ चलते हैं। हमें संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए, अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी सम्यक अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए।

         उक्त आयोजन में सुश्री पारुल जैन अपर जिला जज प्रथम,  अखिलेश्वर प्रसाद सिंह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, औरैया,  विकास गोस्वामी विशेष न्यायाधीश एस०सी०एस०टी० एक्ट औरैया, अपर जिला जज तृतीय  सैफ अहमद,  अतीक उद्दीन अपर जिला जज एफ०टी०सी० प्रथम,  विनय प्रकाश अपर जिला जज एफ०टी०सी द्वितीय, श्रीमती निधि सिसोदिया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,  तारकेश्वरी प्रसाद सिंह सिविल जज सी०डि० औरैया, श्रीमती रोमा गुप्ता अपर सिविल जज सी०डि०, विष्णु शंकर पाण्डेय सिविल जज सी०डि० एफ०टी०सी०, अरुण कुमार सिविल जज (जू०डि०), अमन शुक्ला, न्यायिक मजिस्ट्रेट, सुश्री शालिनी त्यागी अपर सिविल जज (जू०डि०) एफ०टी०सी०, श्रीमती निशा अली सिविल जज (जू०डि०) एफ०टी०सी० क्राइम अगेंस्ट वूमेन, विजय प्रकाश सिविल जज जू०डि० एफ०टी०सी० 14th फाइनेन्स, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, केन्द्रीय नाजिर तथा समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के माध्यम से न्यायालय परिवार ने यह संदेश दिया कि न्यायिक और प्रशासनिक हर निर्णय संविधान की मूल भावना के अनुरूप होना चाहिए।� समारोह ने न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों में संवैधानिक मूल्यों, अनुशासन, निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता का संचार किया


     विशेष संवाददाता रामबाबू शुक्ल



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